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Pressvarta

मुख्य खबरें प्रेसवार्ता में आपका सवागत है

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09
November
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अयोध्या में मनाया जाएगा राम मंदिर

नई दिल्ली(प्रैसवार्ता न्यूज एजेंसी)। लंबे समय से चल रह अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि विवादित जमीन रामलला की है। कोर्ट ने इस मामले में निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस रंजन गगोई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के पांच जजों ने एकमत से फैसला दिया है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा है कि अयोध्या में विवादित भूमि पर राम मंदिर बनेगा। इसके लिए एक ट्रस्ट बनाया जाएगा, जो मंदिर बनाने के तौर-तरीके तय करेगी. तीन महीने में मंदिर बनाने का काम शुरू हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मुस्लिमों को मस्जिद बनाने के लिए दूसरी जमीन दी जाएगी।

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09
November
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हनुमान मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ करवाया तुुलसी विवाह

सिरसा। अग्रसेन कॉलोनी में स्थित श्री हनुमान मंदिर में तुलसी विवाह करवाया गया। इस सिलसिले में हनुमान मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान महेंद्र मग्गु ने बताया कि तुलसी विवाह के अवसर पर उन्हें कन्यादान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। सर्वप्रथम ठाकुर जी को सजाया गया। उसके बाद ठाकुर जी और तुलसी जी का विवाह करवाया गया। पंडित लोकेश शर्मा व सुनील शर्मा ने विवाह की रस्म अदा की। प्रधान महेंद्र मग्गु ने बताया कि भगवान शालिग्राम नारायण के ही स्वरूप हैं। भगवान की पूजा बिना तुलसी के अधूरी रहती है। विवाह माता तुलसी से कराने पर लोगों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। शारीरिक, मानसिक, आर्थिक तापों से मुक्ति मिलती है। इस दौरान महिला मंडल हृद्वारा संकीर्तन किया भी किया गया और श्रद्धालुओं में प्र्रसाद वितरित किया गया।

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09
November
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गांव दड़बी में क्लब ने पंचायत के साथ मिलकर चलाया सफाई अभियान

सिरसा। समाजसेवा युवा क्लब दड़बी द्वारा गांव दड़बी में बिजली घर व सरकारी अस्पताल के मध्यांतर सड़क पर सफाई अभियान चलाया गया। क्लब प्रधान अशोक दड़बी ने बताया कि क्लब सामाजिक सरोकारों से जुड़ा हुआ है। क्लब समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाते है। इसी कड़ी में यह अभियान चलाया गया। अशोक दड़बी ने बताया कि बिजली घर व सरकारी अस्पताल के मध्यांतर सड़क पर एक लंबे समय से गंदगी जमा थी और इस गंदगी से अनेक लोग बीमार भी हो चुके थे। इसी के साथ आने-जाने वाले राहगीरों को न केवल दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, बल्कि सड़क हादसे की भी स्थिति बनी हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए क्लब ने ग्राम दड़बी पंचायत के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाया। क्लब से जुड़े तमाम पदाधिकारी व सदस्यों ने उस क्षेत्र के जिम्मीदारों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाते हुए कूडा कर्कट उठाया। इस मौके पर कर्ण कंबोज, सुभाष कंबोज, नेकचंद, सुनील कुमार, रोहित, मोहित, पाला सिंह, तेजा सिंह, सर्वमित्र भी मौजूद थे।

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12
November
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चंडीगढ़ में सम्मानित हुए राकेश फुटेला

सिरसा। चंडीगढ़ ग्रूप ऑफ कॉलेज द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में रैंबो निदेशक राकेश फुटेला सिरसा को सम्मानित किया गया है। राकेश फुटेला को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया है। काबिलेगौर है कि राकेश फुटेला पिछले लंबे समय से सिरसा में रैंबो अकादमी का संचालन कर रहे हैै। इस अकादमी में बच्चों में छिपे हुनर को निखारने की दिशा में अहम् भूमिका अदा की जाती है। राकेश फुटेला के नन्हे पुत्र अरनव फुटेला भी अपने हुनर का लोहा मनवा चुके है। इन्हीं कार्यों को देखते हुए राकेश फुटेला को चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में चंडीगढ़ ग्रूप ऑफ कॉलेज की ओर से जीडी बांसल ने सम्मानित किया है। इससे पूर्व कलाम अवार्ड से भी राकेश को सम्मानित किया जा चुका है। राकेश की इस उपलब्धि के साथ सिरसा जिला का भी मान बढ़ा है।

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12
November
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स्केटिंग चैंपियनशिप में नवकीरत ने जीता कांस्य पदक

सिरसा। गुरुग्राम में 9 व 10 नवंबर को 33 हरियाणा स्टेट रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया जिसमें अंडर 11 आयु वर्ग में नव कीरत ने कांस्य पदक हासिल कर जिला सिरसा को गौरवान्वित किया है। नवकीरत स्ट्राइकर दा रॉयल स्पोट्र्स क्लब से स्केटिंग का प्रशिक्षण ले रहा है और अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता सहित क्लब कोच अरुण पेंसिया व संचालक प्रदीप मलिक को दिया है। कोच अरुण पैंसिया ने बताया कि नवकीरत रोलर स्केटिंग राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में पदक प्राप्त करने वाला सिरसा जिले का पहला खिलाड़ी है। आज तक किसी भी खिलाड़ी ने राज्य स्तरीय स्केटिंग प्रतियोगिता में पदक हासिल नहीं किया था। विजेता होकर सिरसा लौटे नवकीरत का जेजी ग्रूप संचालक जगदीश कंबोज व गोपाल कंबोज ने गर्मजोशी से स्वागत किया और हरसंभव सहयोग का विश्वास दिलाया।

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09
November
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जातीय समीकरणों व जजपाई सोच में फंसा मंत्रीमंडल विस्तार

सिरसा(प्रेसवार्ता)। हरियाणा में भाजपा ने तालमेल कर अपनी दूसरी पारी की शुरूआत तो कर दी है, लेकिन मंत्रीमंडल का विस्तार गले की फांस बन गया है। 90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा में 14 में से 3 जजपा और दो निर्दलीय विधायकों को मंत्री पद देने का फोक्स भाजपा बनाकर चल रही है, जिसमें जातीय व क्षेत्रीय संतुलन को तव्वजों दी जा सकती है। प्रदेश के सातों निर्दलीय विधायक भाजपा को समर्थन दे चुके है और वह भी सम्मानजनक भागीदारी का स्वपन संजोये हुए है। इसके अतिरिक्त सभी निर्दलीय विधायकों को बोर्ड व निगमों में एडजस्ट किया जा सकता है। भाजपा का विकास रहेगा कि जजपा और निर्दलीय विधायकों को बगैर नाराज किए पांच वर्ष तक दूसरी पारी खेली जाए। सूत्रों के मुताबिक जजपा चार मंत्री पद मांग रही है। यदि भाजपा को जजपा के राजनीतिक दवाब में निर्णय लेना पड़ा, तो डिप्टी स्पीकर का पद भी जजपा को दिया जा सकता है। भाजपा की ओर से अनिल विज, सुभाष सुधा, डॉ.कमल गुप्ता, सीमा त्रिखा, कमलेश ढांडा, बनवारीलाल, रणबीर गंगवा का नाम चर्चा में है, जबकि जजपा देवेंद्र बबली, ईश्वर सिंह, अनूप धानक, रामकुमार गौत्तम के अतिरिक्त निर्दलीय रणजीत सिंह, सोमवीर सांगवान को मंत्रीमंडल में स्थान देने पर मंथन चल रहा है। भाजपा का एक बड़ा वर्ग कैप्टन अभिमन्यु को पराजित करने वाले जजपा के राम कुमार गौत्तम तथा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को चुनावी मात देने वाले देवेंद्र बबली की सत्ता में भागीदारी का पक्षधर नहीं है। संभावना तो यह भी है कि गौत्तम व बबली की सत्ता से भागीदारी से भाजपा में बगावती चिंगारी भडक सकती है। गठबंधनीय मनोहर सरकार को लेकर जजपाई तो उत्साहित है, मगर ज्यादातर भाजपाईयों में निराशा देखी जा सकती है। भाजपाई संगठन व संघ चाहता है कि तालमेल के बावजूद दवाब की राजनीति से परहेज रखा जाए और जजपा के बढ़ रहे जनाधार पर अंकुश लगाने के लिए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के गृह जिला सिरसा में वहीं से विजयी और दुष्यंत चौटाला के दादा निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह को महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाए, जो भाजपाईयों की उम्मीदों पर खरा उतर पाए। इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले सिरसा जिला में एक भी विधायक नहीं है। ऐसी राजनीतिक परिस्थितियों में रणजीत सिंह भाजपा-जजपा सरकार के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो सकते है। टिकट वितरण प्रक्रिया में राजनीतिक झटका खा चुकी हरियाणा भाजपा मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर काफी गंभीर है, क्योंकि गठबंधनीय सरकार में भाजपाईयों तथा जजपा की उम्मीदों पर खरा उतरना किसी अग्रि परीक्षा से कम नहीं आंका जा सकता। वर्तमान में भाजपा व जजपा के विधायकों की नजरे मंत्रीमंडल विस्तार पर टिकी हुई है और ज्यादातर विधायक लॉबिंग में व्यस्त है, जबकि जातीय तथा क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में भाजपा के पसीने छूट रहे है।

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17
November
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भाजपा की दूसरी पारी पडेगी भाजपा पर भारी

सिरसा (प्रैसवार्ता ) सत्ता सुख के लिए भाजपा हरियाणा ने अपनी दूसरी पारी के लिए जजपा से गठबंधन करके राज्य के भाजपाइयों की बेचैनी बढा दी है,क्योंकि पहली पारी में जनभावनाओं पर खरा न उतरने में विफल रही भाजपा को विधानसभा चुनाव में हरियाणा के मतदाताओं ने आईना दिखाते हुए जजपा से तालमेल करने पर मजबूर कर दिया है। भाजपा जजपा की गठबंधनीय सरकार को लेकर राज्य की राजनीति क्यासों की चपेट में है। गठबंधनीय गांठ कब तक मजबूती पकडे रखेगी, इस प्रश्न का उत्तर प्रश्न के गर्भ में है,मगर राज्य के राजनीतिक जादूगरों ने गांठ खोलने के प्रयास शुरू कर दिये हैं। गठबंधनीय सरकार को लेकर सबसे बडी बेचैनी भाजपाइयों में है,जो उनके दिग्गजों को राजनीतिक पटकनी देने वालों की चौधर को कैसे सहन करें ? दोनों दलों का प्रयास रहेगा कि अपनी अपनी पार्टी का जनाधार बढाया जाये। प्रश्न यह उठता है कि राज्य में विधानसभा चुनाव में एक दूसरे से राजनीतिक मतभेद बनाने वाले भाजपाई व जजपाई एक ही मंच पर नजर आयेंगे, क्योंकि गठबंधन सत्ता सुख के लिए हुआ है,न कि भाजपा जजपा के समर्थकों के लिए। हरियाणा के मतदाताओं ने भाजपा शासन से नाराजगी के चलते जजपा पर विश्वास बनाया था,जिसपर जजपा ने जन विश्वास को ही विश्वास योग्य नहीं समझा। भाजपाई दिग्गजों की सियासी लुढकन और जजपाईयों की चौधर से राज्य के भाजपाइयों को गहरा झटका लगा है,जो भाजपाई जनाधार कैसे बढा पायेगा, इससे भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चिंतित है। राजनीतिक पंडित मानते है कि भाजपा की दूसरी पारी भाजपाइयों पर भारी रहेगी और भाजपाई जनाधार धीरे-धीरे खिसकेगा।

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17
November
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इनैलो के गढ मे सेंधमारी से विफल रही भाजपा : मंथन शुरू

सिरसा (प्रैसवार्ता) लोकसभा चुनाव में इनैलो के गढ कहे जाने वाले हरियाणा राज्य के जिला सिरसा के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में भारी बढत लेने वाली भाजपा को मात्र पांच मास बाद हुए विधानसभा चुनाव में मतदाताओं द्वारा दिखाये गये आईने ने शीर्ष नेतृत्व को मंथन पर मजबूर कर दिया है। इनैलो के इस लडखडाते गढ में आये बिखराव के बावजूद भी भाजपा की सेंधमारी का विफल रहना कई सवालिया निशान छोड गया है। इनैलो से अलग होकर बनी जजपा का भी इस जिले में कोई विशेष असर देखने को नहीं मिला। इनैलो अपने ही गढ में एक सीट बचाने में सफल रही है,जबकि दो पर कांंग्रेस, एक पर हलोपा तथा एक पर निर्दलीय ने विजयी परचम फहराया है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का फोक्स शहरी क्षेत्रों में हुए कम मतदान और टिकट से वंचित रहे चेहरों तथा उनकी चुनाव में रही भूमिका पर है। सूत्रों के मुताबिक मनोहर सरकार में स्थानीय नेताओं को तवज्जो न देने से उनके प्रति लोगों की नाराजगी इस चुनाव में देखने को मिली है। जिला सिरसा के दो विधायको का दलबदल करवा कर भाजपा उम्मीदवार बनाना एक राजनीतिक भूल कही जा सकती है,क्योंकि यह दलबदलू अपने क्षेत्रों में मतदाताओं की उम्मीदों पर खरा उतरने में विफल रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दिया गया "फ्री हैंड" उनके आत्मविश्वास, हठकर्मी और टिकट वितरण में चूक भाजपा पर भारी पडी है। मनोहर लाल को उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव परिणाम की तर्ज पर वह जीत हासिल करेंगे। इसलिए उन्होंने पुराने व निष्ठावान दिग्गजों ,जातीय समीकरणों को दरकिनार कर ऐसे चेहरो को चुनावी समर में उतारा, जो मतदाताओं पर विश्वास नहीं बना पाये। टिकट वितरण में हुई चूक से जिला सिरसा में "कमल का फूल" खिल नहीं सका।

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23
November
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पराजित दिग्गजों की "चौधर" बरकरार रखने की भाजपा ने बनाई रणनीति

सिरसा (प्रैसवार्ता) हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सहित आठ मंत्रियों को मिली पराजय के चलते पराजित दिग्गजों की "चौधर" बरकरार रखना भाजपा के लिए एक चुनौती कही जा सकती है,क्योंकि उन्हें पराजित करने वाले सरकार में भागीदार है। हरियाणा में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत के आंकड़े तक न पहुंच पाने के चलते जजपा से तालमेल कर सरकार बनाई है। जजपा सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला ने पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह की धर्मपत्नी तथा मौजूदा भाजपा सांसद विजेंदर सिंह की माता प्रेमलता को उचाना क्षेत्र से,जजपा के ही दवेंद्र बबली ने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को टोहाना से,जजपा के ही रामकुमार गौतम ने पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को नारनौंद से तथा जजपा के रामकर्ण काला ने पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी को शाहबाद क्षेत्र से पराजित किया है। इन भाजपाई दिग्गजों की "चौधर" पर लगे ग्रहण ने सरकारी तंत्र को उलझा कर रख दिया है ,क्योंकि किसी चौधरी की नाराजगी उनपर भारी पड सकती है। केवल इतना ही नहीं चुनावी समर में दोनों दलों के समर्थकों ने इस कद्र राजनीतिक मतभेद बना लिए कि एक मंच पर एकत्रित होना मुश्किल हो जायेगा। दोनों दलों के समर्थक अपनी पार्टी का जनाधार बढाने का प्रयास करेंगे, जिससे राजनीतिक मतभेदों में इजाफा हो सकता है। राज्य के बदले मानचित्र को देखते हुए भाजपा ने अपने पराजित दिग्गजों को संजीवनी देने के लिए एक रणनीति बनाई है,जिसकी बदौलत पराजित दिग्गजों की "चौधर" बरकरार रखी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार इस रणनीति से रिक्त हो चुकी दो राज्यसभा सीटों पर कैप्टन अभिमन्यु या रामबिलास शर्मा, सुभाष बराला या कृष्ण बेदी को एडजस्ट किया जा सकता है,जबकि पूर्व सी.एम हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा का विकल्प मुनीष ग्रोवर पूर्व मंत्री हरियाणा को मुख्यमंत्री का ओ.एस.डी बना कर कैबिनेट का दर्जा, पूर्व मंत्री कविता जैन को महिला आयोग की चेयरपर्सन के पद पर सुशोभित किया जा सकता है। भाजपा ने जजपा से तालमेल कर सरकार अवश्य बना ली है,मगर भाजपा का जनाधार भी कम न हो और न ही भाजपाई दिग्गजों की "चौधर" में कमी न आये, का ध्यान रखते हुए बनाई रणनीति पर अमलीजामा पहनाये जाने की तैयारी शुरू कर दी है,ऐसी राजनीतिक गलियारों में चर्चा है।

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