Anupam Muniसिरसा(प्रैसवार्ता)। जैन संत अनुपम मुनि ने कहा कि सतत परिश्रम व लग्र के बल पर हम सफलता के शिखर पर पहुंच सकते है और आने वाली पीढ़ी के लिए प्ररेणास्त्रोत हो सकते है, मगर इसके लिए साहस का होना बहुत जरूरी है। यदि हममें साहस की कमी है, तो हम जीवन में कामयाब नहीं हो सकते है। वैसे भी सफलता तो कठिन श्रम से मिलती है और कठिन श्रम करना तभी संभव है, जब आप में कुछ करने का साहस है। यह जानकारी देते हुए मुनि के परम शिष्य वंश जैन ने बताया कि जैन संत अनुपम मुनि चतुर्मास माह में स्थानीय एस एस जैन सभा में सैंकड़ों श्रद्धालुओं में प्रवचन कर रहे थे। मुनि ने कहा कि जिन लोगों में साहस की कमी होती है, वो जोखिम वाला कार्य ठीक से नहीं कर पाता और समाज की नजर में वो इज्जत नहीं कमा पाता, जिसका वो हकदार होता है। वैसे भी सफलता हमेशा इच्छा से ही परिचालित होती है। आपकी मेहनत ही आपको सफलता की ओर प्रवृत्त करती है। इसलिए अगर आपको अपनी उम्मीदों पर खरा उतरना है, तो सबसे पहले अपने अंदर साहस की कमी को दूर करें। प्रवचन के अंत में मुनि ने कहा कि आपकों अपने लक्ष्य के प्रति संकल्पबद्ध होना होगा। चाहें आपके जीवन में लाखों बाधाएं ही क्यों ना आए, आपको अपने लक्ष्यों के प्रति साहस जुटाने ही होंगे। जिस वक्त आप अपनी योग्यता पर भरोसा करना सीख जाएंगे, तब आप जीवन में कामयाब हो जाएंगे।


