सिरसा(वंश जैन)। सफलता की शुरूआत इंसान की इच्छा से होती है और सब कुछ उसकी सोच निर्भर करता है। अगर जीवन में आपको तरक्की चाहिए, तो उसके लिए आपको अपनी सोच ऊंची करनी होगी। उक्त उद्गार अनुपम मुनि ने स्थानीय एस एस जैन सभा में चतुर्मास के 11 वें दिन प्रवचन करते हुए कहें। प्रवचन की शुरूआत में मुनि ने कहा कि सफलता की हर कहानी महान असफलताओं की भी कहानी है। जैसे एक आदमी को 21 साल की उम्र में असफलता मिली और 22 साल की उम्र में वह चुनाव हार गया। 24 साल की उम्र में उसकी पत्नी का देहांत हो गया और 27 साल की उम्र में उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। 34 साल की उम्र में वह कांग्रेस का चुनाव हार गया और 45 साल की उम्र में वह सीनेट का चुनाव हार जाता है। मगर 47 साल की उम्र में उसे सीनेट के एक चुनाव में सफलता मिली और 52 साल की उम्र में उसे अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया। वह आदमी था अब्राहमलिंकन। प्रवचन को आगे बढ़ाते हुए मुनि ने कहा कि अगर आप सोचते है कि आप हार गए है, तो निसंदेह आप हारे ही है, मगर जब आप यह कहते है कि आप में हौसला है, तो जीत सुनिश्चित है और आप हार ही नही सकते, क्योंकि सफलता की शुरूआत इंसान की इच्छा से ही होती है। प्रवचन के अंत में मुनि ने कहा कि जीवन की लड़ाईयां हमेशा तेज व मजबूत लोग ही नहीं, बल्कि असफल लोग भी लड़ते है और सफल भी होते है। इसलिए अगर जीवन में तरक्की हासिल करनी है, तो सोच को ऊंचा करों और अपने प्रति विश्वास को जागृत करों। इस मौके पर वंश जैन, विनय जैन, राजा जैन, प्रेम चंद जैन, टोनी जैन, वीरेंद्र जैन, मनीत जैन, अजीत जैन, नेम चंद जैन, संदीप नाहटा जैन, काजू जैन, श्री कृष्णा जैन, रीटा जैन, उज्जवल जैन, रूपाली जैन, सुरेंद्रा जैन, राजेंद्र जैन, अजय जैन, बलराज जैन, भारती जैन, विकास जैन, पुनीत लीगा जैन सहित समस्त जैन समाज के लोग उपस्थित थे।
