सिरसा(हो.सं)। सांध्य दैनिक पलपल के संस्थापक सुरेंद्र भाटिया की कार्यप्रणाली को लेकर उत्तरी भारत की गिरगिटों का आरोप है कि रंग बदलने के मामले में भाटिया ने उन्हें पछाड़ दिया है, जिस कारण उनकी पहचान पर खतरा मंडराने लगा है। हो.सं को मिली जानकारी के अनुसार गिरगिटों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हरियाणा, विपक्षी नेता हरियाणा तथा राज्य के लगभग सभी राजनीतिक दलों के दिग्गजों से गुहार लगा चुका है कि भाटिया के पलपल बदलते रंगों पर अंकुश लगाया जाए, मगर उन्हें असफलता मिली है, क्योंकि ज्यादातर दिग्गजों पर पलपल का बदला हुआ रंग चढ़ चुका है। इधर सुरेंद्र भाटिया का कहना है कि वह अपनी वर्किंग से संतुष्ट है और वह यूं ही रंग बदलते रहेंगे, भले सारे विश्व की गिरगिटें एक मंच पर आ जाए, क्योंकि जो इक्कीस सदी की कला उनकी पास है, वह बीसवीं सदी की गिरगिटों के पास नहीं है। भाटिया तक पहुंचने के लिए गिरगिटों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा। पलपल के ही भुपेंद्र पन्नीवालिय का कहना है कि भाटिया घडियों में सुई(पिन) डालने वाले नहीं रहे, बल्कि बड़े-बड़े दिग्गजों के किल्ला ठोकने वाले बन गए है, गिरगिटों को अपना रंग बदलना पड़ेगा, क्योंकि सुरेंद्र भाटिया में अब बदलाव की कोई गुंजाईश नजर नहीं आती।
