हिसार(प्रैसवार्ता)। स्थानीय सामान्य अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही का एक मामला उस समय देखने को मिला जब सरकारी दवाईयों के बड़े ढेर को कूड़े में फेंक कर उसे आग के हवाले कर दिया गया लेकिन बारिश की वजह से दवाईयां अधजली अवस्था में ही रह गई। इनमें से अधिकतर दवाईयों की एक्सपायरी डेट अभी बाकी थी। जब गौ-सेवार्थ मिशन 'एक रुपया-एक रोटी' की गौ-पुत्र सेना सहित शहर के विभिन्न संगठनों को इस बात का पता चला तो वे तुरंत सामान्य अस्पताल परिसर पहुंचे। नगर के गौ-सेवार्थ मिशन 'एक रुपया-एक रोटी' की गौ-पुत्र सेना से संपत सिंह, सामाजिक संस्था मदद से संजीव भोजराज, इंडिया अगेंस्ट क्रप्शन से रमेश वर्मा व पब्लिक अगेंस्ट क्रप्शन के राजेंद्र यादव मौके पर पहुंचे।
संपत सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में जीवन रक्षक अनेक दवाइयों के पत्तों का ढेर लगा हुआ था तथा उनमें से अधिकतर की एक्सपायरी डेट भी अभी बाकी थी। स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही के विरुद्ध इन संगठनों ने अस्पताल में नारे बाजी की। जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस सिलसिले में बात की गई तो इस बारे में उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए इससे अपना पल्ला झाड़ लिया। स्वास्थ्य विभाग में स्टोर की रिपेयरिंग चलने के कारण स्टोर को बाहर सिफ्ट किया है उसके बावजूद इतनी अधिक मात्रा में यहां दवाइयां कैसे पहुंची। जांच के लिए उपायुक्त कार्यालय से वहां पहुंचे अमित खत्री ने विभाग की इस लापरवाही की कड़ी आलोचना की।
संपत सिंह ने कहा कि एक तरफ तो आम जनता सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाने व दवाइयों के लिए धक्के खा रही है वहीं दूसरी तरफ अस्पताल के कर्मचारियों की यह लापरवाही समझ से परे है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच करने तथा दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।
