Latest News

Shri Parshav NathHerbalife

दवाओं के निर्माण एवं प्रयोग में कानून की पालना आवश्यक

( 0 Votes )
User Rating:Rating Star BlankRating Star BlankRating Star BlankRating Star BlankRating Star Blank / 0
PoorBest 

Dr. Devender KumarDr. Devender Kumarसिरसा(प्रैसवार्ता)। जननायक चौधरी देवीलाल फार्मेसी कॉलेज में ए.आई.सी.टी.ई. द्वारा  'करंट स्टेट्स एण्ड फ्यूचर परस्पेक्टिव इन ड्रग डिस्कवरी एंड डिलीवरी टैक्रोलॉजीÓ प्रायोजित द्विसाप्ताहिक स्टाफ डैवलपमैंट कार्यक्रम में विभिन्न फार्मा कम्पनियों से दिग्गज वैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों को सादर आमन्त्रित किया जा रहा है। सोमवार को कार्यक्रम में गुरु  जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार के रसायन विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. देवेन्द्र कुमार बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए तथा हरियाणा के सेवानिर्वित्त असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर डॉ. राजेन्द्र कुमार हरना ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। इस मौके पर रैनबेक्सी लैब्स लिमिटेड, गुडगांव के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राकेश वत्स, गु.ज.वि. के फार्मास्यूटिकल विभाग से डॉ. दिनेश ढींगड़ा विशेष रूप से उपस्थित हुए।
    कार्यक्रम के आरंभ में कॉलेज प्राचार्य डॉ. विनय लाठर ने अपने संबोधन में  सभी Dr. Dinesh DhingraDr. Dinesh Dhingraअतिथियों का इस कार्यक्रम में पहुंचने पर आभार प्रकट किया तथा कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से दवा की विभिन्न संरचनाओं के विकास पर अर्जित किए अपने 10 वर्षों के अनुभव को श्रोताओं के साथ सांझा किया। उन्होंने कम्प्यूटर एडिड ड्रग डिजाइन की कार्यप्रणाली पर विशेष बल दिया, क्योंकि इससे समय एवं धन दोनों की बचत होती है।
    अपने संबोधन में डॉ. देवेन्द्र कुमार ने एन.एम.आर. स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसी उच्च तकनीकों के प्रयोग तथा दवाओं एवं प्रोटीन की त्रिआयामी संरचनाओं के विश£ेषण में इनके उपयोग का बड़ी सहजता से वर्णन किया। उन्होंने अपने संबोधन में प्रोटीन से सम्बन्धित अनेक जानकारियां प्रदान की तथा इस विषय में आने वाली कठिनाइयों से भी Dr. Rajender HarnaDr. Rajender Harnaप्रतिभागियों को अवगत करवाया।
    बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित हुए डॉ. राजेन्द्र कुमार हरना ने दवाओं के प्रयोग एवं निर्माण से सम्बन्धित कानून व्यवस्था में अर्जित अपने 30 वर्षों के अनुभव को सभी प्रतिभागियों के साथ सांझा किया। उन्होंने अपने संबोधन में बायोसिमिलर दवाओं के उभरते क्षेत्र पर विस्तार से चर्चा तथा जैनेरिक दवाओं के उपयोग पर भी बल दिया। डॉ. हरना ने कहा कि प्रत्येक फार्मा कम्पनियों में एफ.डी.ए. नियमों एवं अधिनियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए ताकि नकली एवं मिलावटी दवाओं का पता लगाया जा सके।
    कार्यक्रम में डॉ. दिनेश ढींगरा ने अपने संबोधन में डिप्रेशन के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि डिप्रेशन के कारण अनेक Dr. Rakesh VatsDr. Rakesh Vatsऐसी भयानक बीमारियां पैदा हो जाती है, जो इंसान के लिए घातक साबित होती है। इसलिए हमें तनाव से हमेशा मुक्त रहना चाहिए तथा तनावमुक्त रहने का सबसे आसान उपाय सकारात्मक सोच एवं प्राणायाम व नियमित व्यायाम है।
    इस अवसर पर विशेष रूप से पधारे डॉ. राकेश वत्स ने अपनी कम्पनी के पेटेन्ट क्षेत्र में अनुसरण की जाने वाली कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कोई भी दवा अगर किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए थोड़ी सी भी हानिकारक हो तो उसे पास नहीं किया जाना चाहिए ताकि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो सके।
    अंत में कॉलेज प्रबंधन ने अतिथियों को उनके आगमन पर बधाई दी एवं उन्हें स्मृति ParticipantsParticipantsचिह्न देकर सम्मानित किया गया।

Add comment