सिरसा(प्रैसवार्ता)। कुरुक्षेत्र में प्रिंस के बोरवेल में गिरने की घटना और अब मानेसर में बोरवेल में गिरने से गई माही की जान के बाद भी बोरवेल के मामले में सिरसा जिला प्रशासन अभी तक कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। बोरवेल की समस्या से जूझ रहे इंद्रपुरी मोहल्ला निवासियों ने गली में हुए करीब 350 फुट बोरवेल को लेकर प्रशासन को कई बार आगाह किया है, लेकिन प्रशासन के कानों पर अभी तक जूं नहीं रेंगी है। इसी समस्या को लेकर इंद्रपुरी मोहल्लावासियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सुनीता, किरण, मंजीत, आशा रानी, राज रानी, समाजसेवी राजेन्द्र सिंह जग्गा, तिलकराज, गोल्डी, पप्पी, बबलू, खजान आदि ने बताया कि कुछ साल पहले यहां प्रशासन द्वारा ट्यूबवेल लगाने के लिए बोरवेल करवाया गया था। कुछ समय तो यह ट्यूबवेल सही चला लेकिन बाद में तकनीकी समस्या आ जाने के कारण इसे बंद करना पड़ा। बंद करने से पूर्व विभागीय अधिकारियों ने बोरवेल को सही ढंग से न तो भरना उचित समझा और न ही इसकी सुरक्षा के लिए कोई अन्य उपाय किये। उन्होंने बताया कि इस बोरवेल के कारण पहले एक मकान भी धंस चुका है और अब इस बोरवेल का मुंह बरसाती पानी के कारण और अधिक खुल गया है, जिससे बच्चों के गिरने का खतरा अधिक बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि बच्चे गली में सारा दिन इसी बोरवेल के नजदीक खेलते रहते हैं, जिस कारण उनके माता-पिता भयग्रस्त हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस बोरवेल को तुरंत भरवाकर पक्के लैंटर के साथ बंद करवाया जाए ताकि प्रिंस या माही जैसी घटना सिरसा में न घटे।


