सिरसा(प्रैसवार्ता)। पंचायती राज सिरसा में एसडीओ के पद पर तैनात मुंशी राम जाखड़ ने न सिर्फ फर्जी दस्तावेजों के सहारे जे.ई पद हासिल किया है, बल्कि एस.डी.ओ बन गए तथा अब एक्सीयन बनने की तैयारी में है। मुंशी राम जाखड़ ने सरकार व अधिकारियों से सांठगांठ करके भूतपूर्व सैनिक का बेटा बताकर पदोन्नति हासिल की। जिला सिरसा के ग्राम नाथसूरी कलां निवासी राजे राम पुत्र गोकुल चंद द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना मुताबिक मुंशी राम जाखड़ ने 17 सितंबर 1985 को र्फी दस्तावेजों की मदद से जे.ई.का पद अस्थाई तौर पर प्राप्त किया और 30 दिसंबर 1980 को स्थाई होने में सफल हो गया। सूचना में यह भी खुलासा हुआ है कि भूतपूर्व सैनिक का बेटा बनकर मुंशी राम जाखड़ ने सी डब्लयू पी नंबर 1920 ऑफ 1997 रिट डालकर माननीय हाईकोर्ट व सरकार को गलत जानकारी देकर 19 अगस्त 1997 को पदोन्नित लेकर एस डी ओ का पद हासिल किया है। राजेराम ने सचिव, जिला सैनिक बोर्ड, हिसार से मुंशी राम जाखड़ को ई एस एम का प्रमाण पत्र जारी करने बाबत जानकारी चाही, तो उन्होंने अपने पंत्राक एस एस बी/50 द्वारा सूचित किया कि मुंशी राम पुत्र अमर सिंह का नाम दर्ज नहीं है और न ही इसे ई एस एम के आश्रित का प्रमाण पत्र जारी किया गया है। राजेराम ने सरकार से जाखड़ की पदोन्निती संबंधी पत्रोत्तर किया, तो सरकार ने अपने पत्र क्रमांक 5-4 ई सी डी-2 2010/9432 के माध्यम से स्पष्ट किया कि अमर सिंह के रैजीमैंट नंबर बी एस एफ बटालियन नंबर 104 है, जबकि बीएसएफ में कार्यरत व्यक्ति के बेटों का भूतपूर्व सैनिक का कोई लाभ नहीं दिया जाता। इस आधार पर जाखड़ सरकार की आंखों में न सिर्फ धूल डालता आ रहा है, बल्कि अपना दोष छिपाने के लिए हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर करता आ रहा है। सी डब्लयू पी 1920 ऑफ 1977 सरकार से मिलीभगत करके तथा न्यायालय की अवमानना व नियुक्ति को लेकर राजेराम ने हाईकोर्ट में दस्तक देकर जाखड़ के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। राजेराम ने जाखड़ पर विभागीय कार्यों में घपला कर करोड़ों रूपयों की संपति जुटाने का भी आरोप लगाया है।
