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31
December

ठिठुरती ठंड से ऐलनाबाद में बढी राजनीतिक ठिठुरन : पवन बैनीवाल का बढा राजनीतिक कद

ऐलनाबाद (प्रैसवार्ता ) देश के अन्य राज्यों की तरह हरियाणा भी ठंड से ठिठुर रहा है,वहीं हरियाणा के अंतिम छोर पर राजस्थान की सीमा से सटे ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर की मल्लेकां ग्राम में हुई जनसभा और विकास कार्यो की लगी झडी ने कई राजसी दिग्गजो में राजनीतिक ठिठुरन उत्पन्न कर दी है। इस जनसभा से पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे पवन बैनीवाल चेयरमैन हरियाणा बीज विकास निगम के राजनीतिक कद में काफी इजाफा हुआ है। बैनीवाल ने पिछले विधानसभा चुनाव में मौजूदा विधायक इनैलो नेता को कडी चुनावी टक्कर दी थी और दूसरे नंबर पर रहे थे। इस क्षेत्र को इनैलो का गढ माना जाता रहा है,मगर वर्तमान में इनैलो में बिखराव से बदली हुई राजनीतिक तस्वीर नजर आ रही है। कांग्रेस के पास इस क्षेत्र के लिये पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल ही एकमात्र ऐसा चेहरा है,जिसकी समूचे क्षेत्र मे पहचान है। वैसे कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मलकीत सिंह खोसा भी अपना राजनीतिक भाग्य अजमाने की फिराक में है,मगर जातीय समीकरण बाधक बन सकते है। कांग्रेसी नेता रणजीत चौटाला का फोक्स भी ऐलनाबाद पर है,क्योंकि रानियां विधानसभा क्षेत्र से लगातार दो बार हार चुके है। रणजीत सिंह को भय है कि "राहुल फार्मूला" उन्हें टिकट से वंचित न रख दे और वह ऐलनाबाद क्षेत्र से उम्मीदवारी जता सकते है। इधर पवन बैनीवाल को मिली भाजपाई "चौधर" से भाजपाई परिवार काफी बढा है तथा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों ने पवन बैनीवाल को राजनीतिक मजबूती मिली है। पवन बैनीवाल की मतदाताओं में मजबूत पकड संकेत देती है ,अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा का बैनीवाल ही चेहरा होगा। मौजूदा विधायक अभय चौटाला की भी इस क्षेत्र में पकड काफी मजबूत है,इससे इंकार नहीं किया जा सकता। हरियाणा में नवगठित जननायक जनता पार्टी (जजपा) की महिला नेत्री नैना चौटाला भी "हरी चुनरी की चौपाल" के बैनर तले इस विधानसभा क्षेत्र के एक बडे ग्राम जमाल में दस्तक देकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुकी है। संभव है कि जजपा भी इस क्षेत्र से अपना उम्मीदवार चुनावी समर मे उतारे,जो इनैलो के वोटबैंक में सेंधमारी कर पाये। वर्तमान में इनैलो के अजय और अभय चौटाला परिवार में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा और मौजूदा कांग्रेस प्रधान डा.अशोक तंवर की तर्ज पर हरियाणवी राजनीति में शब्दबाण युद्ध स्तर पर चल रहा है। वर्ष -2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तस्वीर कैसी रहेगी,यह तो आने वाला समय ही बतायेगा,मगर दिलचस्प मुकाबले से इंकार नहीं किया जा सकता।